भिनगा नगर पालिका में इंटरलॉकिंग निर्माण पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, जिलाधिकारी कार्यालय से एसपी कार्यालय तक बन रही सड़क पर मानकों की अनदेखी?
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भिनगा नगर पालिका में इंटरलॉकिंग निर्माण पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, जिलाधिकारी कार्यालय से एसपी कार्यालय तक बन रही सड़क पर मानकों की अनदेखी?
दिनांक: 17 जुलाई 2026 | शुक्रवार
स्थान: भिनगा, जनपद श्रावस्ती
भिनगा में बन रही इंटरलॉकिंग सड़क पर उठे बड़े सवाल, जनता ने लगाया मानक विहीन निर्माण का आरोप

जनपद श्रावस्ती के मुख्यालय भिनगा में खैरी मोड़ से जिला न्यायालय, विकास भवन और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक सड़क किनारे बनाई जा रही इंटरलॉकिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा। यह वही मार्ग है, जिससे प्रतिदिन जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, न्यायिक अधिकारी तथा हजारों नागरिक गुजरते हैं। इसके बावजूद कथित अनियमितताओं को लेकर जिम्मेदार विभागों की चुप्पी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

आरोप – गिट्टी और मोरंग की जगह डाली जा रही बलुई मिट्टी
स्थानीय लोगों का कहना है कि इंटरलॉकिंग के नीचे जहां तकनीकी मानकों के अनुसार गिट्टी और मोरंग की मजबूत परत बिछाई जानी चाहिए, वहां कथित रूप से बलुई मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि इससे सड़क की मजबूती प्रभावित होगी और थोड़े समय में ही इंटरलॉकिंग उखड़ने या धंसने की आशंका बढ़ जाएगी।

यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सीधे-सीधे सरकारी धन के दुरुपयोग और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
किनारों पर लगाए जा रहे एज को लेकर भी सवाल
निर्माण कार्य में इंटरलॉकिंग के किनारों पर लगाए जा रहे एज (बॉर्डर ईंट) को लेकर भी स्थानीय लोगों ने गंभीर आपत्ति जताई है। आरोप है कि इन एजों को पर्याप्त गुणवत्ता वाले सीमेंट मिश्रण के बजाय बेहद कमजोर अनुपात वाले मिश्रण से लगाया जा रहा है, जिससे भविष्य में इनके उखड़ने या टूटने का खतरा बढ़ सकता है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत में ही ऐसी स्थिति है, तो कुछ महीनों बाद सड़क की हालत क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

बारिश ने बढ़ाई लोगों की चिंता
स्थानीय नागरिकों का दावा है कि निर्माण कार्य पूरा हुए अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता और हाल की बारिश के बाद इंटरलॉकिंग के कई हिस्सों में कमजोर निर्माण के संकेत दिखाई देने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि थोड़ी सी बारिश में ही ऐसी स्थिति बन रही है, तो आने वाले समय में यह सड़क कितने दिनों तक टिक पाएगी, यह बड़ा प्रश्न है।
हालांकि निर्माण की गुणवत्ता और क्षति की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक मार्ग पर निर्माण, फिर भी निगरानी पर सवाल
यह सड़क केवल सामान्य मार्ग नहीं है। इसी मार्ग से जिला न्यायालय, जिलाधिकारी कार्यालय, विकास भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित अनेक महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय जुड़े हुए हैं। प्रतिदिन अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता, फरियादी और आम नागरिक इसी रास्ते से गुजरते हैं।
ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग पर यदि निर्माण गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, तो स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठता है कि क्या निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है? क्या संबंधित विभागों ने मौके पर निरीक्षण किया है? यदि किया है तो फिर लोगों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का समाधान क्यों नहीं हुआ?
पूर्व जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी की कार्रवाई की फिर हो रही चर्चा
स्थानीय लोगों के बीच पूर्व जिलाधिकारी एवं आईएएस अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी का नाम एक बार फिर चर्चा में है। लोगों का कहना है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने नगर पालिका से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाया था और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई की थी।
अब नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि क्या वर्तमान प्रशासन भी उसी सख्ती के साथ निर्माण कार्यों की निगरानी करेगा, या फिर शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया जाएगा?
जनता ने उठाए कई अहम सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हो रहा है तो इसकी सार्वजनिक जांच कराई जाए। यदि कहीं कमी है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए।
लोगों के अनुसार सरकारी योजनाओं का उद्देश्य जनता को टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं देना है, न कि कुछ ही दिनों में टूटने वाले निर्माण कार्य कराना।
जांच की मांग तेज
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग अथवा संबंधित तकनीकी एजेंसी द्वारा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, बेस लेयर, सीमेंट मिश्रण तथा निर्माण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा सड़क का निर्माण पुनः निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जाए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले में संबंधित नगर पालिका, निर्माण एजेंसी अथवा जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका। यदि संबंधित विभाग की ओर से कोई स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया प्राप्त होती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
निष्कर्ष
भिनगा नगर पालिका क्षेत्र में बन रही इंटरलॉकिंग सड़क को लेकर उठे सवाल केवल एक सड़क तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा विषय बन गया है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर हैं कि वह इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाता है या नहीं।
(नोट: इस समाचार में उल्लिखित निर्माण संबंधी अनियमितताओं के आरोप स्थानीय नागरिकों एवं मौके पर प्राप्त शिकायतों पर आधारित हैं। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि सक्षम प्रशासनिक जांच के बाद ही मानी जाएगी।)
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