यूपी के 3.53 लाख मिड-डे मील रसोइयों को बड़ा तोहफा, मानदेय बढ़कर हुआ ₹3,000, परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
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यूपी के 3.53 लाख मिड-डे मील रसोइयों को बड़ा तोहफा, मानदेय बढ़कर हुआ ₹3,000, परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के लाखों मिड-डे मील रसोइयों को बड़ी राहत दी है। सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले 3.53 लाख से अधिक रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। अब उन्हें हर महीने 2,000 रुपये की जगह 3,000 रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही पात्र रसोइयों को 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी।
प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा आठ तक के करीब 1.47 करोड़ बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाता है। इन बच्चों के लिए भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी करीब 3,53,536 रसोइयों की है। लंबे समय से कम मानदेय में काम कर रहे इन रसोइयों के लिए सरकार का यह फैसला आर्थिक राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
हर महीने मिलेगा ₹3,000 मानदेय
अब तक मिड-डे मील रसोइयों को हर महीने कुल 2,000 रुपये मानदेय मिलता था। इसमें 600 रुपये केंद्र सरकार और 1,400 रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाते हैं। अब राज्य सरकार अपने हिस्से से 1,000 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी करेगी। इसके बाद रसोइयों को हर महीने कुल 3,000 रुपये मिलेंगे।
इसके अलावा रसोइयों को मिलने वाला 500 रुपये सालाना यूनिफॉर्म भत्ता भी पहले की तरह जारी रहेगा।
5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा
सरकार ने रसोइयों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की भी व्यवस्था की है। पात्र रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इस कार्ड के माध्यम से सालाना 5 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
कैशलेस इलाज की सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पात्र रसोइयों को इलाज के दौरान अस्पताल में तत्काल बड़ी रकम अपनी जेब से खर्च नहीं करनी पड़ेगी। जरूरत पड़ने पर निर्धारित व्यवस्था के तहत अस्पताल में कैशलेस उपचार कराया जा सकेगा।
लाखों परिवारों को मिलेगा फायदा
मानदेय में बढ़ोतरी और स्वास्थ्य सुविधा का लाभ प्रदेश में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों परिवारों तक पहुंचेगा। सरकार के इस फैसले से रसोइयों को आर्थिक सहायता के साथ स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा भी मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में मिड-डे मील योजना के तहत बड़ी संख्या में बच्चे रोजाना स्कूलों में भोजन करते हैं। इन बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में मानदेय बढ़ाने और कैशलेस इलाज की सुविधा देने के फैसले से उन्हें सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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