भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा खुलासा! न्यायिक आयोग के सामने दो महिलाओं का दावा—’सरेंडर के बाद पुलिस ने मारी तीन गोलियां’
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भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा खुलासा, दो चश्मदीद महिलाओं का दावा- सरेंडर के बाद पुलिस ने मारी तीन गोलियां
पटना भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। न्यायिक जांच आयोग के समक्ष दो महिलाओं ने चश्मदीद गवाह के रूप में बयान दर्ज कराते हुए दावा किया कि भरत तिवारी ने हथियार डाल दिया था, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने उन पर तीन गोलियां चला दीं।
आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष बयान देते हुए चंद्रावती देवी ने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से पूरी घटना देखी। उनके अनुसार, भरत तिवारी द्वारा हथियार फेंकने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन पर तीन गोलियां चलाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि दो गोलियां पैर में और एक कंधे के पास मारी गई, जिसके बाद उन्हें वाहन में बैठाकर ले जाया गया।
दूसरी चश्मदीद उषा देवी ने भी लगभग यही बयान दिया। उन्होंने आयोग को बताया कि भरत तिवारी ने कुछ शर्तें रखी थीं, जिन्हें पुलिस अधिकारी ने मानने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने पिस्तौल फेंक दी, लेकिन तुरंत बाद पुलिस ने उन पर तीन गोलियां चला दीं और उन्हें गाड़ी में डालकर मौके से ले जाया गया।
इससे पहले भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी भी न्यायिक आयोग के सामने अपना बयान दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने भी आरोप लगाया था कि उनके भाई ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी।
फिलहाल पूरे मामले की जांच न्यायिक आयोग कर रहा है। आयोग गांव के परिजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज कर रहा है। दो चश्मदीद महिलाओं के ताजा बयानों के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब आयोग सभी गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच करेगा।
नोट: यह समाचार न्यायिक आयोग के समक्ष दर्ज गवाहों के बयानों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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