श्रावस्ती: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आगमन की तैयारियां तेज, मसूद आलम खान ने की बैठक।
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श्रावस्ती: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आगमन की तैयारियां तेज, मसूद आलम खान ने की बैठक।
श्रावस्ती। समाजवादी नेता एवं राष्ट्रीय सचिव मसूद आलम◊ खान ने 14 जुलाई को जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के श्रावस्ती आगमन की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। यह बैठक इकौना बाईपास स्थित भारतीय मैरिज लॉन में आयोजित की गई, जहां कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए मसूद आलम खान ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता को करुणा, सेवा, समृद्धि और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि गाय का महत्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने सरकार से गौ संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि गौ माता को “राष्ट्र माता” घोषित किए जाने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार ऐसा निर्णय भारतीय संस्कृति और गौ संरक्षण के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश देगा।
मसूद आलम खान ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य का श्रावस्ती आगमन पूरे जिले के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने सभी समाज, धर्म और वर्ग के लोगों से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन गंगा-जमुनी तहज़ीब, सामाजिक सौहार्द, आपसी प्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश भी देगा।
फिलहाल 14 जुलाई के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और आयोजकों को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आम लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
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