नेपाल में तबाही के बाद नया खतरा: मलबे से बनी विशाल झील के टूटने का डर, 359 शव बरामद; 288 भारतीयों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता
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नेपाल में तबाही के बाद नया खतरा: मलबे से बनी विशाल झील के टूटने का डर, 359 शव बरामद; 288 भारतीयों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी आपदा के बाद अब एक नया और गंभीर खतरा सामने आ गया है। हिमालयी क्षेत्र में मलबे से बनी एक झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके टूटने की आशंका ने नेपाल के साथ-साथ सीमा से जुड़े निचले इलाकों की चिंता बढ़ा दी है।
नेपाल में हाल ही में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। राहत और बचाव अभियान के बीच अब तक 359 शव बरामद होने की पुष्टि हुई है, जबकि नेपाल और चीन के प्रभावित सीमा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता या संपर्क से बाहर हैं। अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में लापता लोगों की संख्या बदल रही है और बचाव कार्य जारी रहने के कारण स्थिति लगातार अपडेट हो रही है।
ग्लेशियर के ढहने से आई विनाशकारी तबाही
प्रारंभिक जांच और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, हिमालय के ऊंचाई वाले इलाके में बर्फ, चट्टान और मलबे के बड़े हिस्से के ढहने के बाद तेज गति से पानी और मलबे का सैलाब नीचे की ओर आया। देखते ही देखते नदी का शांत इलाका तबाही के मंजर में बदल गया।
इस विनाशकारी जलप्रवाह ने नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में सड़कें, पुल, इमारतें और कई अन्य ढांचों को भारी नुकसान पहुंचाया। दूर-दराज के कई इलाके संपर्क से कट गए हैं, जिसके चलते राहत और बचाव कार्य में भी बड़ी मुश्किलें आ रही हैं।

अब मलबे से बनी झील ने बढ़ाई चिंता
आपदा के बाद नदी के रास्ते में भारी मात्रा में मलबा जमा होने से एक बैरियर लेक यानी अवरोधक झील बन गई है। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें बड़ी मात्रा में पानी जमा हो चुका है और जलस्तर लगातार बढ़ने को लेकर चिंता जताई जा रही है।
चीन की ओर से भी इस झील के टूटने या पानी के अचानक बड़े पैमाने पर नीचे आने की आशंका को लेकर चेतावनी जारी की गई है। विशेषज्ञों की नजर अब इस झील पर टिकी हुई है, क्योंकि यदि मलबे का प्राकृतिक अवरोध टूटता है तो निचले इलाकों में एक और बड़े सैलाब का खतरा पैदा हो सकता है।
288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं, कई तीर्थयात्री भी प्रभावित
इस आपदा में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, 288 भारतीय नागरिकों का अभी तक पता नहीं चल पाया है या उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका है। प्रभावित लोगों में कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े तीर्थयात्री और परियोजनाओं में काम करने वाले लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
कई भारतीय नागरिक चीन की ओर भी फंसे हुए बताए गए हैं। भारत सरकार प्रभावित भारतीयों की जानकारी जुटाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
कैलाश मानसरोवर मार्ग पर भी पड़ा असर
नेपाल-तिब्बत सीमा का यह क्षेत्र कैलाश मानसरोवर यात्रा और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। आपदा के समय इस इलाके में कई देशों के पर्यटक और तीर्थयात्री मौजूद थे। अचानक आए मलबे और पानी के सैलाब के कारण कई लोग संपर्क से बाहर हो गए।
राहत एजेंसियां और प्रशासन लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। दुर्गम पहाड़ी रास्ते, खराब मौसम और क्षतिग्रस्त सड़कें बचाव कार्य को और चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।
हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जा रही मदद, तलाश जारी
नेपाल में सेना, पुलिस और आपदा राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं। कई जगह सड़क संपर्क टूटने के कारण हेलीकॉप्टर के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि कई क्षेत्रों में स्थिति की पूरी तस्वीर अभी सामने आना बाकी है। मलबे के नीचे दबे लोगों और दूर-दराज के इलाकों में फंसे लोगों की तलाश लगातार जारी है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील
नई बनी झील और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले नदी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन लगातार जलस्तर और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
यह आपदा एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे की गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है। एक ओर बचाव दल हजारों लोगों की जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मलबे से बनी झील के टूटने की आशंका ने पूरे क्षेत्र की चिंता और बढ़ा दी है।
फिलहाल सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि बचाव अभियान तेजी से आगे बढ़े, लापता लोगों का पता लगाया जा सके और नई झील से पैदा हुए खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
नोट: यह एक विकसित होती हुई आपदा स्थिति है। मृतकों और लापता लोगों के आंकड़े बचाव अभियान और आधिकारिक अपडेट के साथ बदल सकते हैं।
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