बाल श्रम और बाल तस्करी के खिलाफ बड़ी पहल
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बाल श्रम और बाल तस्करी के खिलाफ बड़ी पहल
श्रावस्ती के चौधरी राम बिहारी बुद्ध इंटर कॉलेज में बच्चों को पढ़ाया गया सुरक्षा का पाठ
GOOD TOUCH-BAD TOUCH से लेकर POCSO ACT तक दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
श्रावस्ती। बच्चों को बाल श्रम, बाल तस्करी और विभिन्न प्रकार के शोषण से बचाने के उद्देश्य से चौधरी राम बिहारी बुद्ध इंटर कॉलेज में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देकर सतर्क एवं जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में श्रम विभाग के जिला सलाहकार राजेश कुमार तथा विज्ञान फाउंडेशन के अरविंद जायसवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में बच्चों को बाल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
बच्चों को बताए गए उनके अधिकार और सुरक्षा के जरूरी नियम
वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को शिक्षा के अधिकार, बाल सुरक्षा तथा सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श यानी Good Touch-Bad Touch के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही बच्चों को पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति भी जागरूक किया गया।
बच्चों को बताया गया कि किसी भी ऐसी परिस्थिति को नजरअंदाज न करें, जिसमें उन्हें असुरक्षित या असहज महसूस हो।
बाल तस्करी से बचाव के लिए सतर्क रहने का संदेश
जागरूकता कार्यक्रम में बाल तस्करी के स्वरूप और बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाने के संभावित तरीकों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को अनजान व्यक्तियों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।
मुश्किल में इन हेल्पलाइन नंबरों पर मांगी जा सकती है मदद
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को किसी भी प्रकार की असुरक्षा, शोषण अथवा हिंसा की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई—
चाइल्ड हेल्पलाइन — 1098
महिला हेल्पलाइन — 1090
पुलिस हेल्पलाइन — 112
बच्चों को समझाया गया कि जरूरत पड़ने पर समय पर मदद मांगना और भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को जानकारी देना बेहद जरूरी है।
बच्चों की सुरक्षा पूरे समाज की जिम्मेदारी”
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या विद्यालय की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों में सही कदम उठाने की जानकारी भी देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
अंत में बच्चों ने ली सुरक्षा और जागरूकता की शपथ
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं को स्वयं सुरक्षित रहने और दूसरों को भी बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
जागरूक बच्चा, सुरक्षित भविष्य—बाल सुरक्षा के लिए समाज को मिलकर रहना होगा सतर्क!
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