₹4.82 लाख की सड़क… दो महीने में ही दरार! उद्घाटन से पहले धंसा संपर्क मार्ग, निर्माण पर उठे सवाल
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₹4.82 लाख की सड़क… दो महीने में ही दरार! उद्घाटन से पहले धंसा संपर्क मार्ग, निर्माण पर उठे सवाल
जोखवा–गुलरा मार्ग की हालत देख ग्रामीणों में नाराजगी, बोले—जांच हो तो सामने आएगा सच
श्रावस्ती। कौवापुर-बकवा क्षेत्र में पहाड़ी नाले पर बने पुल से जुड़े जोखवा–गुलरा संपर्क मार्ग की मौजूदा स्थिति ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब ₹4.82 लाख की लागत से बने बताए जा रहे इस संपर्क मार्ग में निर्माण के लगभग दो महीने बाद ही जगह-जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं। वहीं पुल के दोनों तरफ बने लिंक मार्ग के धंसने की शिकायत भी सामने आई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस सड़क का अभी उद्घाटन तक नहीं हुआ, उसमें इतनी जल्दी दरारें और धंसने की स्थिति कैसे बन गई? स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मौजूदा हालत देखकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

ग्रामीणों ने उठाए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण सड़क के नीचे बैठने और जगह-जगह दरारें पड़ने की स्थिति बनी है।
हालांकि, निर्माण में अनियमितता, भ्रष्टाचार या सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन आरोपों की वास्तविकता तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रामीणों ने की तकनीकी जांच की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मौके पर पहुंचकर संपर्क मार्ग की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क की मोटाई, बेस, निर्माण सामग्री और अन्य निर्धारित तकनीकी मानकों की जांच कराई जाए।
यदि जांच में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की कमी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

बड़ा सवाल—दो महीने में ही क्यों बिगड़ी सड़क?
- ₹4.82 लाख की लागत से बने बताए जा रहे मार्ग में इतनी जल्दी दरारें क्यों आईं?
- क्या निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों का पालन हुआ था?
- क्या विभागीय अधिकारियों ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था?
- क्या सड़क की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई गई थी?
- यदि जांच में खामी सामने आती है तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
फिलहाल ग्रामीणों की नजर संबंधित विभाग और प्रशासन की जांच पर टिकी है। तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि संपर्क मार्ग में इतनी जल्दी दरारें और धंसने की स्थिति के पीछे वास्तविक वजह क्या है।
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