भूकंप से लेकर गैस रिसाव और आग तक, श्रावस्ती में परखी गई आपदा से निपटने की तैयारी
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भूकंप से लेकर गैस रिसाव और आग तक, श्रावस्ती में परखी गई आपदा से निपटने की तैयारी
एसडीआरएफ, एसएसबी और अग्निशमन विभाग की टीमों ने संभाला मोर्चा, रेस्क्यू ऑपरेशन का किया अभ्यास
श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में प्रदेश के भूकंप के प्रति संवेदनशील 34 जनपदों की 157 तहसीलों में एक साथ भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) आपदा एवं अग्निसुरक्षा को लेकर मॉकड्रिल आयोजित की गई। इसी क्रम में श्रावस्ती में भी अलग-अलग स्थानों पर आपदा से निपटने की तैयारियों को परखा गया।
जनपद में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय भिनगा में भूकंप, गायत्री एचपी गैस एजेंसी इकौना में औद्योगिक (रासायनिक) आपदा तथा जमुनहा तहसील में अग्निसुरक्षा की मॉकड्रिल कराई गई। सभी तहसीलों में संबंधित एसडीएम के नेतृत्व में मॉकड्रिल की कार्रवाई संपन्न हुई।
12 मिनट में घटनास्थल पहुंची एसडीआरएफ
कलेक्ट्रेट स्थित जिला आपदा नियंत्रण कक्ष में सुबह करीब 10 बजे सूचना दी गई कि भूकंप के प्रभाव से कस्तूरबा विद्यालय का एक भवन क्षतिग्रस्त हो गया है और उसमें कुछ बच्चे फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ को मौके पर भेजा गया। टीम करीब 12 मिनट में घटनास्थल पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।
ध्वस्त भवन में फंसे बच्चों की तलाश के लिए एसएसबी के प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड की मदद ली गई। डॉग स्क्वायड ने एक स्थान पर बच्चों के फंसे होने का संकेत दिया। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने दीवार काटकर अंदर प्रवेश किया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बचाए गए बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि दो गंभीर बच्चों को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भेजा गया। इस तरह भूकंप से संबंधित मॉकड्रिल पूरी की गई।
जमुनहा में आग और इकौना में गैस रिसाव का अभ्यास
सुबह करीब 11:15 बजे जिला आपात नियंत्रण कक्ष को तहसील जमुनहा में अग्निकांड की सूचना मिली। सूचना पर अग्निशमन विभाग का वाहन करीब 11:30 बजे घटनास्थल पहुंचा और आग बुझाने की कार्रवाई का अभ्यास किया गया।
वहीं, तहसील इकौना में गैस सिलेंडर लदी गाड़ी पलटने के बाद उत्पन्न स्थिति से बचाव एवं गैस रिसाव से निपटने की मॉकड्रिल कराई गई।
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने बताया कि बाढ़ के बाद जनपद में जिन आपदाओं से अधिक खतरा है, उनमें अग्निकांड और भूकंप प्रमुख हैं। मॉकड्रिल के माध्यम से इन परिस्थितियों में प्रशासन एवं बचाव दल की तैयारियों को परखा गया। एसडीआरएफ, एसएसबी और अग्निशमन विभाग के सहयोग से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयोजन में मॉकड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि जनपद में प्रत्येक तीन माह में मॉकड्रिल आयोजित की जाती रहेगी, ताकि आपदा की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए टीमें हमेशा तैयार रहें।
मॉकड्रिल का नेतृत्व संबंधित तहसीलों में एसडीएम आशीष भारद्वाज, एसडीएम डॉ. आरपी सिंह एवं एसडीएम रवेंद्र कुमार ने किया।
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