डूबने से होने वाली मौतों पर रोक का अभियान: श्रावस्ती के स्कूलों में बच्चों को सिखाए जा रहे बचाव के तरीके
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डूबने से होने वाली मौतों पर रोक का अभियान: श्रावस्ती के स्कूलों में बच्चों को सिखाए जा रहे बचाव के तरीके
जागरूकता सप्ताह के तहत तालाब, पोखर और नदियों से होने वाले खतरों को लेकर बच्चों को किया जा रहा जागरूक, दिलाई जा रही सुरक्षा की शपथ
श्रावस्ती। बारिश के मौसम में तालाबों, पोखरों और नदियों में बढ़े जलस्तर के बीच डूबने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर जिले के सभी बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में डूबने से बचाव जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है।
अभियान के तहत विद्यालयों की प्रार्थना सभा में छात्र-छात्राओं को जल स्रोतों से होने वाले संभावित खतरों और डूबने से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही बच्चों को सुरक्षा संबंधी शपथ भी दिलाई जा रही है।
डूबने की घटनाओं में बच्चों की संख्या अधिक, इसलिए विशेष जागरूकता
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने बताया कि जनपद में नदी, तालाब और पोखरों में डूबने से होने वाली मौतों में बच्चों की संख्या अधिक रहती है। बच्चों की कम ऊंचाई, कम वजन और अनुभव की कमी के कारण वे जल दुर्घटनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सभी विद्यालयों में बच्चों को इस जानलेवा आपदा से बचने के जरूरी उपाय बताए जा रहे हैं।
पानी में कूदकर बचाने की कोशिश न करें, तुरंत बड़ों को दें सूचना
जिला आपदा विशेषज्ञ आरुण कुमार मिश्र ने बताया कि जागरूकता सप्ताह के दौरान बच्चों को विशेष रूप से यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति या बच्चा पानी में डूबता दिखाई दे तो वे स्वयं पानी में उतरकर उसे बचाने का प्रयास न करें।
इसके बजाय तत्काल किसी बड़े व्यक्ति या सक्षम व्यक्ति को मदद के लिए बुलाएं और घटना की सूचना दें। इस तरह बच्चे अपनी सुरक्षा बनाए रखते हुए प्रथम प्रतिक्रिया दाता की महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
जिला आपदा विशेषज्ञ ने बताया कि विद्यालयों में अभियान चलाने के बाद बाढ़ प्रभावित गांवों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीणों को तालाबों, पोखरों, नदियों और अन्य जल स्रोतों के आसपास सावधानी बरतने तथा बच्चों की विशेष निगरानी रखने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि सावधानी, समय पर सूचना और सामुदायिक सहयोग से डूबने की घटनाओं में होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
डूबने से एक भी मौत न हो, यही प्रशासन का लक्ष्य
श्रावस्ती जिला प्रशासन का लक्ष्य जनसहयोग के माध्यम से डूबने से होने वाली मृत्यु की घटनाओं को न्यूनतम करते हुए शून्य मृत्यु के लक्ष्य की दिशा में काम करना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में बच्चों को तालाबों, पोखरों और नदियों के आसपास अकेले न जाने दें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद और सूचना उपलब्ध कराएं।
सावधानी ही सुरक्षा है—एक छोटी सी सतर्कता किसी की जिंदगी बचा सकती है।
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