यूपी में पहली बार बड़ा फैसला: जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, चुनाव तक कुर्सी बरकरार
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
यूपी में पहली बार बड़ा फैसला: जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, चुनाव तक कुर्सी बरकरार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायती व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में पहली बार जिला पंचायत अध्यक्षों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। पंचायती राज विभाग ने शुक्रवार शाम इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया। अब पंचायत चुनाव होने तक जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
प्रदेश की 75 जिला पंचायतों में से 68 पर भाजपा समर्थित अध्यक्ष होने के कारण सरकार के इस फैसले को राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी मिलने से जिला पंचायत अध्यक्षों की क्षेत्र में सक्रियता और प्रभाव बना रहेगा।
11 जुलाई को समाप्त हो रहा कार्यकाल
जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल शनिवार, 11 जुलाई को समाप्त हो रहा है। कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहले सरकार ने उन्हें प्रशासक बनाने का निर्णय लिया है।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के मुताबिक, जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले सरकार ने उन्हें प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।
अब तक डीएम संभालते थे प्रशासक की जिम्मेदारी
अब तक व्यवस्था यह थी कि जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद संबंधित जिले के जिलाधिकारी यानी डीएम को प्रशासक बनाया जाता था। डीएम ही जिला पंचायत के कामकाज और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की निगरानी करते थे।
लेकिन इस बार सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्षों को ही प्रशासक बनाने का फैसला किया है। आदेश के बाद वे पंचायत चुनाव होने तक अपनी जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।
यूपी में पहली बार लागू हुई ऐसी व्यवस्था
उत्तर प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें ही प्रशासक बनाए जाने का यह पहला मामला है। इससे पहले सरकार ने ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक की जिम्मेदारी देने का फैसला किया था। हालांकि, ग्राम प्रधानों से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
कानूनी और तकनीकी विवाद से बचने के लिए सरकार ने प्रशासक बनाए गए जिला पंचायत अध्यक्षों के अधिकार सीमित रखे हैं।
बड़े नीतिगत फैसले नहीं ले सकेंगे प्रशासक
शासनादेश के अनुसार, प्रशासक की जिम्मेदारी संभालने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष कोई बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे। हालांकि, वे जिला पंचायत के नियमित विकास कार्यों, प्रशासनिक संचालन और पहले से संचालित योजनाओं से जुड़े जरूरी निर्णय ले सकेंगे।
सरकार के इस फैसले से जिला पंचायतों में विकास और प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने की बात कही जा रही है।
अब 826 ब्लॉक प्रमुखों पर भी नजर
जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के 826 ब्लॉक प्रमुखों को भी प्रशासक बनाने की तैयारी में है। ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल अगले सप्ताह समाप्त होने वाला है और इससे पहले आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले योगी सरकार ने 25 मई को ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने का फैसला लिया था। हालांकि, यह मामला अभी न्यायालय में चल रहा है। अब जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले ने प्रदेश की पंचायती राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
आणखी कथा







