नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 870 761 4018 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , यूपी में पहली बार बड़ा फैसला: जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, चुनाव तक कुर्सी बरकरार – Birat News24 Live

Birat News24 Live

Latest Online Breaking News

यूपी में पहली बार बड़ा फैसला: जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, चुनाव तक कुर्सी बरकरार

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

यूपी में पहली बार बड़ा फैसला: जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, चुनाव तक कुर्सी बरकरार

 

- Advertisement -Advertisement

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायती व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में पहली बार जिला पंचायत अध्यक्षों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। पंचायती राज विभाग ने शुक्रवार शाम इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया। अब पंचायत चुनाव होने तक जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।

- Advertisement -Advertisement

 

प्रदेश की 75 जिला पंचायतों में से 68 पर भाजपा समर्थित अध्यक्ष होने के कारण सरकार के इस फैसले को राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी मिलने से जिला पंचायत अध्यक्षों की क्षेत्र में सक्रियता और प्रभाव बना रहेगा।

 

11 जुलाई को समाप्त हो रहा कार्यकाल

 

जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल शनिवार, 11 जुलाई को समाप्त हो रहा है। कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहले सरकार ने उन्हें प्रशासक बनाने का निर्णय लिया है।

 

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के मुताबिक, जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले सरकार ने उन्हें प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।

 

अब तक डीएम संभालते थे प्रशासक की जिम्मेदारी

 

अब तक व्यवस्था यह थी कि जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद संबंधित जिले के जिलाधिकारी यानी डीएम को प्रशासक बनाया जाता था। डीएम ही जिला पंचायत के कामकाज और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की निगरानी करते थे।

 

लेकिन इस बार सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्षों को ही प्रशासक बनाने का फैसला किया है। आदेश के बाद वे पंचायत चुनाव होने तक अपनी जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।

 

यूपी में पहली बार लागू हुई ऐसी व्यवस्था

 

उत्तर प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें ही प्रशासक बनाए जाने का यह पहला मामला है। इससे पहले सरकार ने ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक की जिम्मेदारी देने का फैसला किया था। हालांकि, ग्राम प्रधानों से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

 

कानूनी और तकनीकी विवाद से बचने के लिए सरकार ने प्रशासक बनाए गए जिला पंचायत अध्यक्षों के अधिकार सीमित रखे हैं।

 

बड़े नीतिगत फैसले नहीं ले सकेंगे प्रशासक

 

शासनादेश के अनुसार, प्रशासक की जिम्मेदारी संभालने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष कोई बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे। हालांकि, वे जिला पंचायत के नियमित विकास कार्यों, प्रशासनिक संचालन और पहले से संचालित योजनाओं से जुड़े जरूरी निर्णय ले सकेंगे।

 

सरकार के इस फैसले से जिला पंचायतों में विकास और प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने की बात कही जा रही है।

 

अब 826 ब्लॉक प्रमुखों पर भी नजर

 

जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के 826 ब्लॉक प्रमुखों को भी प्रशासक बनाने की तैयारी में है। ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल अगले सप्ताह समाप्त होने वाला है और इससे पहले आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

 

इससे पहले योगी सरकार ने 25 मई को ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने का फैसला लिया था। हालांकि, यह मामला अभी न्यायालय में चल रहा है। अब जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले ने प्रदेश की पंचायती राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

लाइव कैलेंडर

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930