नाबालिग बालिकाओं के रेस्क्यू मामले में दो वांछित आरोपी गिरफ्तार
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नाबालिग बालिकाओं के रेस्क्यू मामले में दो वांछित आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र से डांस पार्टी में काम कराने के लिए श्रावस्ती लाई गई थीं दोनों नाबालिग बालिकाएं
श्रावस्ती। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोनवा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नाबालिग बालिकाओं के रेस्क्यू से जुड़े मामले में दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है।
अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह एवं क्षेत्राधिकारी इकौना आलोक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में उपनिरीक्षक गिरिजा शंकर यादव पुलिस टीम के साथ वांछित आरोपियों की तलाश कर रहे थे।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमा अपराध संख्या 151/2026 में वांछित आरोपी असलम पुत्र अब्दुल रहमान, निवासी कानीबोझी, थाना मल्हीपुर तथा मारुफ पुत्र मुर्रे, निवासी देवीपाटन, थाना तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर, गिलौला-लक्ष्मननगर मार्ग स्थित गन्ना कांटा मिल के पास एक किराये के मकान में मौजूद हैं और भागने की फिराक में हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और तस्दीक के बाद दोनों की पहचान मामले में वांछित अभियुक्तों के रूप में हुई।
महाराष्ट्र से लाई गई थीं दोनों नाबालिग बालिकाएं
पुलिस के अनुसार, 4 सितंबर को एएचटी एवं विशेष किशोर पुलिस इकाई की समीक्षा बैठक में मिले निर्देशों के क्रम में पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम डांस पार्टियों एवं आर्केस्ट्रा आदि का चिन्हांकन कर रही थी।
इसी दौरान सोनवा थाना क्षेत्र में एक मकान में महाराष्ट्र से लाई गई दो नाबालिग बालिकाओं के डांस पार्टी में काम करने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों बालिकाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
पूछताछ के दौरान बालिकाओं ने बताया कि उन्हें महाराष्ट्र से बहला-फुसलाकर डांस करने एवं अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश लाया गया था। मामले में आरोप है कि उन्हें कम पारिश्रमिक देकर व्यावसायिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
रेस्क्यू के बाद दोनों बालिकाओं को आवश्यक विधिक एवं संरक्षणात्मक कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति, भिनगा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के आदेश पर दोनों को वन स्टॉप सेंटर, भिनगा में संरक्षण प्रदान किया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 143(5) बीएनएस के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। मामले की विवेचना जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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