श्रावस्ती: पोषण समिति की बैठक में DM सख्त, लापरवाही पर मुख्य सेविका का एक दिन का वेतन कटा
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श्रावस्ती: पोषण समिति की बैठक में DM सख्त, लापरवाही पर मुख्य सेविका का एक दिन का वेतन कटा
पोषण ट्रैकर पर कम फीडिंग मिलने से नाराज जिलाधिकारी, सभी CDPO को शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
श्रावस्ती। नवजात शिशुओं, बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति एवं सम्भव अभियान-6.0 की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने साफ कहा कि प्रदेश सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है और आईसीडीएस विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ऐसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पोषण ट्रैकर पर कम फीडिंग मिली, CDPO को सख्त निर्देश
समीक्षा के दौरान पोषण ट्रैकर ऐप पर एफआरएस (चेहरा पहचान प्रणाली) की फीडिंग और दक्षता मापन की फीडिंग कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) को सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत फीडिंग पूरी की जाए और पात्र लाभार्थियों का वास्तविक डाटा पोषण ट्रैकर पर दर्ज किया जाए।
आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण पर जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रतिदिन सभी आंगनबाड़ी केंद्र शत-प्रतिशत खोले जाएं। इसके साथ ही CDPO और मुख्य सेविकाएं नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ कागजी रिपोर्ट नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए।
निरीक्षण में लापरवाही पर मुख्य सेविका का वेतन कटा
बैठक में समीक्षा के दौरान सामने आया कि सिरसिया की मुख्य सेविका मीरा देवी द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा था। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
डीएम के इस फैसले के बाद बैठक में साफ संदेश गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी में लापरवाही को प्रशासन गंभीरता से लेगा।
पात्र लाभार्थियों का वास्तविक डाटा फीड करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी CDPO और सहयोगी संस्थाओं को निर्देशित किया कि पोषण ट्रैकर ऐप पर सभी पात्र लाभार्थियों का वास्तविक डाटा शत-प्रतिशत फीड किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
डीएम का साफ संदेश:
“पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में लापरवाही मिली तो कार्रवाई तय है।”
बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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