श्रावस्ती: जल निकासी को लेकर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, धरने पर बैठे महिला-पुरुष और बच्चे; BDO पहुंचे फिर भी नहीं माने ग्रामीण
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
श्रावस्ती: जल निकासी को लेकर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, धरने पर बैठे महिला-पुरुष और बच्चे; BDO पहुंचे फिर भी नहीं माने ग्रामीण
मुख्य विकास अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग, चक्का जाम की चेतावनी से प्रशासन में हलचल
श्रावस्ती। विकासखंड गिलौला अंतर्गत ग्राम पंचायत हुसैनपुर खुरुहुरी में जल निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। लंबे समय से जल निकासी की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने महिला, पुरुष और बच्चों के साथ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार शिकायत और शिकायती पत्र दिए गए, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने धरने का रास्ता अपनाया।
धरने की सूचना मिलते ही थाना पुलिस और SHO पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान चाहिए।
BDO पहुंचे, फिर भी धरना खत्म करने को तैयार नहीं हुए ग्रामीण
ग्रामीणों की मांग थी कि खंड विकास अधिकारी को मौके पर बुलाया जाए और मुख्य विकास अधिकारी स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर समस्या सुनें। इसी बीच नायब तहसीलदार जमुनहा और खंड विकास अधिकारी गिलौला भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाने का प्रयास किया।
हालांकि, ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि वे पहले भी कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। इसलिए इस बार केवल मौखिक आश्वासन से वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।

“साहब मौके पर आएं और खुद देखें हालात”
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की समस्या का असर गांव के लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर पड़ रहा है। रास्तों पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित होने, बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी और बुजुर्गों व महिलाओं को दिक्कत होने की बात ग्रामीणों ने कही।
ग्रामीणों की मांग है कि अधिकारी मौके का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति देखें और स्थायी जल निकासी व्यवस्था के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कराएं।

चक्का जाम की चेतावनी से बढ़ी प्रशासन की चिंता
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया और मुख्य विकास अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, तो वे आगे चक्का जाम करने का कदम उठा सकते हैं। इससे प्रशासन के सामने ग्रामीणों की समस्या के समाधान के साथ-साथ यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल—कब होगा स्थायी समाधान?
ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी से टकराव करना नहीं, बल्कि गांव की बुनियादी समस्या का समाधान कराना है। उनका साफ कहना है कि “आश्वासन बहुत मिल चुका, अब जमीन पर काम चाहिए।”
फिलहाल ग्रामीण धरने पर डटे हुए हैं और मुख्य विकास अधिकारी के मौके पर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन ग्रामीणों को किस तरह संतुष्ट करता है और जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
नोट: ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समय नहीं हो सकी है। मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
जनपद श्रावस्ती से मंडल प्रभारी मनोज कुमार की खास रिपोर्ट।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space







