सावन में शिवभक्ति का अद्भुत संगम: श्रावस्ती के ऐतिहासिक गुप्तकाशी बाबा भभूतीनाथ मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
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सावन में शिवभक्ति का अद्भुत संगम: श्रावस्ती के ऐतिहासिक गुप्तकाशी बाबा भभूतीनाथ मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
श्रावस्ती। सावन का पावन महीना शुरू होते ही श्रावस्ती जनपद का ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व रखने वाला गुप्तकाशी बाबा भभूतीनाथ मंदिर पूरी तरह शिवभक्ति में सराबोर हो गया है। दूर-दराज के गांवों, कस्बों और आसपास के जनपदों से हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर सुबह से देर रात तक “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गूंज रहा है।
पांडव कालीन इतिहास से जुड़ी है मंदिर की मान्यता
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार गुप्तकाशी बाबा भभूतीनाथ मंदिर का इतिहास पांडव काल से जुड़ा माना जाता है। वर्षों से यह मंदिर श्रद्धा, विश्वास और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना भगवान भोलेनाथ अवश्य स्वीकार करते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

जलाभिषेक के लिए लगी लंबी कतारें
सावन के अवसर पर श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प, अक्षत एवं अन्य पूजन सामग्री के साथ भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक कर रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कहीं भी कमी नहीं दिखाई दे रही है। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे वर्षों से सावन के प्रत्येक सोमवार को बाबा के दरबार में जल चढ़ाने की परंपरा निभा रहे हैं और जलाभिषेक किए बिना चाय तक ग्रहण नहीं करते।
मंदिर परिसर में बेहतर हुई व्यवस्थाएं
इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में कई व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया गया है। सड़क चौड़ीकरण के कारण आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम हुआ है। साथ ही साफ-सफाई, पेयजल, बैरिकेडिंग और दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की विशेष नजर
श्रावस्ती जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सावन मेले को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों तथा अन्य व्यवस्थाओं के लिए पुरुष पुलिसकर्मियों की अलग-अलग ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन लगातार व्यवस्था पर निगरानी बनाए हुए है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम दर्शन का लाभ मिल सके।
श्रद्धालुओं ने जताई अटूट आस्था
मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा भभूतीनाथ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि उनकी आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर अनेक श्रद्धालु हर वर्ष यहां आकर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं। यही विश्वास सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का कारण बनता है।
भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुआ वातावरण
मंदिर परिसर में धार्मिक भजन, घंटियों की मधुर ध्वनि, शंखनाद और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालुओं के चेहरों पर श्रद्धा, संतोष और आध्यात्मिक ऊर्जा साफ दिखाई दे रही है। बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों के साथ भी बाबा के दर्शन करने पहुंच रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से जुड़ रही है।
आस्था का केंद्र बना गुप्तकाशी बाबा भभूतीनाथ मंदिर
सावन के पवित्र महीने में श्रावस्ती का ऐतिहासिक गुप्तकाशी बाबा भभूतीनाथ मंदिर एक बार फिर आस्था के महासंगम का साक्षी बना है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ का स्मरण करने वाला कभी निराश नहीं लौटता। जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और भोलेनाथ के जयघोष के बीच यह पावन धाम श्रद्धा, विश्वास और सनातन संस्कृति की अमिट पहचान बना हुआ है।
(रिपोर्ट: विराट न्यूज़ 24 लाइव, श्रावस्ती)
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