धाकड़ दावा: चार हिस्सों में बंटेगा उत्तर प्रदेश! ओम प्रकाश राजभर बोले—PM मोदी ने दिया भरोसा, जातीय जनगणना के बाद होगा फैसला
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धाकड़ दावा: चार हिस्सों में बंटेगा उत्तर प्रदेश! ओम प्रकाश राजभर बोले—PM मोदी ने दिया भरोसा, जातीय जनगणना के बाद होगा फैसला
लखनऊ/देवरिया। उत्तर प्रदेश के विभाजन को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटा जाएगा। राजभर के मुताबिक, उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की है और प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि जातीय जनगणना के बाद राज्य के विभाजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
राजभर ने रविवार को देवरिया में आयोजित ‘सामाजिक समरसता महासम्मेलन’ में यह दावा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर बातचीत की थी। इसी दौरान राज्य के पुनर्गठन का मुद्दा भी सामने आया। राजभर के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि जातीय जनगणना के बाद प्रदेश के विभाजन में कठिनाई नहीं होगी।
चार हिस्सों में बंटवारे की बात, कौन-कौन से क्षेत्र?
राजभर ने अलग-अलग सार्वजनिक बयानों में प्रस्तावित चार क्षेत्रों के तौर पर पूर्वांचल, मध्यांचल, बुंदेलखंड और हरित प्रदेश का उल्लेख किया है। रिपोर्टों के मुताबिक पूर्वांचल को अलग राज्य बनाए जाने की स्थिति में राजभर ने यह भी कहा कि वहां पहला मुख्यमंत्री राजभर समाज से होना चाहिए।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि केंद्र सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटने का कोई औपचारिक फैसला या अधिसूचना सामने नहीं आई है। मौजूदा खबर राजभर के दावे और उनके राजनीतिक बयान पर आधारित है।
मायावती सरकार में भी उठा था मुद्दा
उत्तर प्रदेश को छोटे राज्यों में बांटने की मांग नई नहीं है। वर्ष 2011 में तत्कालीन मायावती सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश विधानसभा ने राज्य को चार हिस्सों—पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड—में बांटने का प्रस्ताव पारित किया था। हालांकि यह प्रस्ताव केंद्र की मंजूरी के बिना आगे नहीं बढ़ सका।
उत्तर प्रदेश का पिछला बड़ा पुनर्गठन वर्ष 2000 में हुआ था, जब तत्कालीन उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तरांचल, जिसे बाद में उत्तराखंड नाम दिया गया, नया राज्य बना था।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले फिर गरमाया मुद्दा
ओम प्रकाश राजभर के ताजा बयान ऐसे समय में आए हैं जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव होने हैं। उनके बयान के बाद प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की पुरानी बहस एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है। वहीं, इस प्रस्ताव को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या जातीय जनगणना के बाद वास्तव में उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन की दिशा में कोई आधिकारिक कदम उठेगा, या यह मुद्दा राजनीतिक बहस तक सीमित रहेगा?
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