श्रावस्ती में मिशन शक्ति का दम! 500 बहू-बेटियों को सुरक्षा और अधिकारों का पाठ, पुलिस ने बताया मुसीबत में कैसे मिलेगी मदद
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श्रावस्ती में मिशन शक्ति का दम! 500 बहू-बेटियों को सुरक्षा और अधिकारों का पाठ, पुलिस ने बताया मुसीबत में कैसे मिलेगी मदद
तथागत सभागार में लगा जागरूकता स्टॉल, महिला सुरक्षा से लेकर साइबर अपराध तक दी गई जानकारी
श्रावस्ती। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को लेकर श्रावस्ती पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसी क्रम में मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत रविवार को तथागत सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर भिनगा में आयोजित बहू-बेटी सम्मेलन के दौरान पुलिस की ओर से जागरूकता स्टॉल लगाया गया। इस दौरान करीब 500 महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह के पर्यवेक्षण में आयोजित कार्यक्रम में शक्ति मोबाइल टीम की महिला आरक्षी प्रिया मिश्रा एवं महिला रक्षा सरिता जायसवाल ने महिलाओं को घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, उत्पीड़न और साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए।
मुसीबत में चुप न रहें, पुलिस से करें शिकायत
जागरूकता स्टॉल पर महिलाओं एवं बालिकाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या परेशानी का सामना करने पर चुप रहने के बजाय पुलिस से शिकायत करें। उन्हें सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, अनजान व्यक्तियों से सतर्क रहने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई।
पुलिस कर्मियों ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
एक कॉल पर मिलेगी मदद, इन हेल्पलाइन नंबरों को रखें याद
कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा एवं आपातकालीन सहायता के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
- 1090 — महिला हेल्पलाइन
- 112 — पुलिस आपातकालीन सेवा
- 181 — महिला हेल्पलाइन
- 1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन
- 1076 — मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
- 1930 — साइबर अपराध हेल्पलाइन
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार अभियान
श्रावस्ती पुलिस ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज में सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण स्थापित करना है।
पुलिस की इस पहल से महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी मिलने के साथ ही जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के लिए सही माध्यमों की जानकारी भी मिली।
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