₹10 हजार के बकाया वेतन का विवाद… और लग गई करोड़ों की आग! सूरत में पूर्व अकाउंटेंट पर 24-25 करोड़ का नुकसान करने का आरोप
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₹10 हजार के बकाया वेतन का विवाद… और लग गई करोड़ों की आग! सूरत में पूर्व अकाउंटेंट पर 24-25 करोड़ का नुकसान करने का आरोप
सूरत। गुजरात के सूरत से आगजनी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। पुलिस जांच के मुताबिक, महज ₹10 हजार के कथित बकाया वेतन को लेकर नाराज एक पूर्व अकाउंटेंट ने अपने पूर्व मालिक को सबक सिखाने के लिए कथित तौर पर टेक्सटाइल मार्केट में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करोड़ों रुपये का कपड़ा जलकर खाक हो गया।
हादसा समझी जा रही थी आग, जांच में सामने आया आगजनी का आरोप
मामला सारोली स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट का है। 9 सितंबर 2026 को यहां भीषण आग लगी थी। शुरुआत में इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन CCTV फुटेज और जांच के बाद पुलिस ने इसे कथित तौर पर सुनियोजित आगजनी बताया। पुलिस के अनुसार CCTV में एक व्यक्ति चेहरा ढककर मार्केट की छठी मंजिल पर पहुंचता दिखाई दिया और कपड़े के पैकेटों के पास आग लगाता नजर आया।
कौन है आरोपी?
सूरत क्राइम ब्रांच ने 33 वर्षीय विनोद पंडित सावले, महाराष्ट्र के धुले निवासी पूर्व अकाउंटेंट को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार उसने अप्रैल 2026 में मार्केट की एक दुकान में अकाउंटेंट के तौर पर काम शुरू किया था और उसे करीब ₹30 हजार मासिक वेतन मिलता था। बाद में नौकरी छोड़ने के बाद उसके और पूर्व नियोक्ता के बीच कथित तौर पर ₹10 हजार के भुगतान को लेकर विवाद था।
₹150 का पेट्रोल और फिर करोड़ों का नुकसान!
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर करीब ₹150 का पेट्रोल खरीदा और उसे लेकर मार्केट पहुंचा। इसके बाद उसने पूर्व मालिक की दुकान के बाहर रखे कपड़े के पैकेटों में आग लगा दी। आग तेजी से फैल गई और आसपास की कई दुकानों में रखा सामान इसकी चपेट में आ गया।
24 करोड़ का माल खाक, कुल नुकसान करीब 25 करोड़ बताया गया
पुलिस जांच में जले हुए कपड़े और अन्य सामान की कीमत करीब ₹24 करोड़ बताई गई है। वहीं सूरत के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के अनुसार आग से कुल नुकसान का अनुमान करीब ₹25 करोड़ तक है। अलग-अलग रिपोर्टों में प्रभावित दुकानों की संख्या 14 से 17 के बीच बताई गई है।
CCTV ने खोला पूरा राज
आरोपी की पहचान CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के जरिए हुई। रिपोर्टों के मुताबिक जांचकर्ताओं ने बड़ी संख्या में CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस के अनुसार आरोपी आग की घटना के बाद सूरत से बाहर भी गया था और बाद में वापस लौटने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अब आगे क्या?
पुलिस आरोपी से आग लगाने की पूरी योजना, पेट्रोल की खरीद और कथित साजिश से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ कर रही है। पुलिस ने घटना का क्रम समझने के लिए आरोपी से घटनास्थल पर रीकंस्ट्रक्शन भी कराया है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और आरोपी पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया में होगा।
यानी ₹10 हजार के कथित वेतन विवाद से शुरू हुआ मामला पुलिस के मुताबिक ऐसी आगजनी तक पहुंचा, जिसमें करीब ₹24–25 करोड़ का नुकसान हो गया।
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