श्रावस्ती: जाली नोटों की पहचान और रोकथाम पर एसएसबी की कार्यशाला, 42 जवानों को दिया गया प्रशिक्षण
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श्रावस्ती: जाली नोटों की पहचान और रोकथाम पर एसएसबी की कार्यशाला, 42 जवानों को दिया गया प्रशिक्षण
एसबीआई अधिकारियों ने बताए असली और नकली नोटों में अंतर पहचानने के तरीके, सीमा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने पर जोर
भिनगा, श्रावस्ती। जाली भारतीय मुद्रा नोटों (FICN) की पहचान एवं रोकथाम को लेकर 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भिनगा परिसर में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में वाहिनी के 42 कार्मिकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), भिनगा के उपप्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता एवं कैशियर नितिन कुमार मिश्रा ने जवानों को जाली नोटों की पहचान करने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने असली और नकली नोटों के बीच अंतर, नोटों की प्रमुख सुरक्षा विशेषताओं तथा नकली मुद्रा के प्रसार को रोकने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया।
व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ाई जवानों की दक्षता
एसबीआई अधिकारियों ने कार्मिकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया, जिससे वे नोटों की जांच करते समय उनकी सुरक्षा विशेषताओं को समझ सकें और संदिग्ध मुद्रा की पहचान कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान जाली भारतीय मुद्रा से संबंधित गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने और ऐसी गतिविधियों का पता चलने पर प्रभावी कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया गया।
सीमा सुरक्षा और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की पहल
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सीमा क्षेत्र में तैनात एसएसबी कार्मिकों को जाली भारतीय मुद्रा से जुड़ी गतिविधियों के प्रति जागरूक एवं सतर्क बनाना था। इसके साथ ही उन्हें संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई के लिए सक्षम बनाना भी कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहा।
इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, जाली मुद्रा के प्रसार पर अंकुश लगाने और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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