श्रावस्ती में ओवैसी की हुंकार: ‘मुसलमान किसी की बपौती नहीं’, दद्दन खान को भिनगा से AIMIM का प्रस्तावित उम्मीदवार घोषित
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श्रावस्ती में ओवैसी की हुंकार: ‘मुसलमान किसी की बपौती नहीं’, दद्दन खान को भिनगा से AIMIM का प्रस्तावित उम्मीदवार घोषित
भिनगा में जनसभा से 2027 का सियासी संदेश, BJP-SP पर साधा निशाना; बोले—गठबंधन के लिए हाथ बढ़ाया, नहीं तो AIMIM अकेले लड़ेगी चुनाव
श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले श्रावस्ती की सियासत में 4 अक्टूबर को उस समय हलचल तेज हो गई, जब AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भिनगा क्षेत्र में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। ओवैसी ने अपने भाषण में भाजपा और समाजवादी पार्टी पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए और AIMIM को महज वोट बैंक की राजनीति से अलग बताते हुए राजनीतिक प्रतिनिधित्व की बात रखी।
दद्दन खान को लेकर बड़ा ऐलान
जनसभा के दौरान ओवैसी ने पूर्व बसपा नेता हाजी दद्दन खान को भिनगा विधानसभा सीट से AIMIM का प्रस्तावित उम्मीदवार घोषित करते हुए जनता से समर्थन मांगा। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से दद्दन खान को आगामी चुनाव में AIMIM उम्मीदवार बनाए जाने पर सहमति मांगी।
‘मुसलमान किसी की बपौती नहीं’—ओवैसी
ओवैसी ने अपने संबोधन में कहा कि मुसलमान किसी राजनीतिक दल की बपौती नहीं हैं और उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि AIMIM राजनीतिक पहचान और प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी।
BJP और SP पर ‘नूरा-कुश्ती’ का आरोप
ओवैसी ने भाजपा और सपा पर एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक रूप से दिखावटी लड़ाई लड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने दोनों दलों की राजनीति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि एक तरफ मुस्लिम संस्थानों से जुड़े मुद्दे उठते हैं, जबकि दूसरी तरफ विपक्षी दल मुस्लिम मतदाताओं से समर्थन मांगते हैं। ये ओवैसी द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
सपा से गठबंधन का रास्ता खुला
ओवैसी ने कहा कि यदि उद्देश्य भाजपा को उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने से रोकना है, तो AIMIM समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शर्तें स्वीकार नहीं होने पर AIMIM अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
श्रावस्ती के विकास के मुद्दे भी उठाए
ओवैसी ने जनसभा में श्रावस्ती की गरीबी, शिक्षा, बिजली, पेयजल और विकास से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए जिले में गरीबी की स्थिति पर सवाल खड़े किए और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी निशाना साधा।
उन्होंने मदरसों, मस्जिदों, मजारों और अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया तथा आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर सपा और अन्य विपक्षी दलों की ओर से पर्याप्त विरोध नहीं किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित मामलों के आधार पर अलग-अलग की जानी होगी।
2027 से पहले भिनगा में सियासी संदेश
ओवैसी की भिनगा जनसभा और दद्दन खान को प्रस्तावित उम्मीदवार के रूप में आगे करने से भिनगा विधानसभा की आगामी चुनावी राजनीति में AIMIM की सक्रियता साफ तौर पर सामने आई है। वहीं, सपा के साथ संभावित गठबंधन को लेकर ओवैसी के बयान ने उत्तर प्रदेश की विपक्षी राजनीति में चर्चा को और बढ़ा दिया है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM का यह कदम भिनगा की राजनीतिक तस्वीर और स्थानीय दलों की रणनीति को किस तरह प्रभावित करता है।
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