डायरिया से डर नहीं अभियान में बेहतर काम करने वालों का सम्मान, CMO ने 5 ‘डायरिया चैंपियन’ को किया सम्मानित
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
डायरिया से डर नहीं अभियान में बेहतर काम करने वालों का सम्मान, CMO ने 5 ‘डायरिया चैंपियन’ को किया सम्मानित
शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में डायरिया से होने वाली मौतों को रोकने पर जोर, जनजागरूकता और केस रिपोर्टिंग बढ़ाने के निर्देश
श्रावस्ती, 21 सितंबर। स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (PSI India) और केनव्यू के सहयोग से जिले में संचालित “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम की समीक्षा बैठक सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने की।
बैठक में कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए सीएमओ ने कहा कि “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में डायरिया के कारण होने वाली मृत्यु दर को शून्य करना और दस्त प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि डायरिया की रोकथाम के लिए समुदाय में व्यापक जनजागरूकता जरूरी है। इसके साथ ही डायरिया से संबंधित मामलों की समय से रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध हो सके।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 ‘डायरिया चैंपियन’ सम्मानित
बैठक के दौरान डायरिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच कार्यकर्ताओं को ‘डायरिया चैंपियन’ के रूप में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वालों में शशिलता एवं किस्मती सिंह (एएनएम), वसीम (बीसीपीएम), नीलम सिंह (आशा) तथा साधना वर्मा (आशा संगिनी) शामिल रहीं।
सीएमओ ने सम्मानित कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने में स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने सभी संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि डायरिया की रोकथाम, समय पर पहचान और उचित प्रबंधन को लेकर समुदाय के बीच लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं, जिससे छोटे बच्चों को डायरिया से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिम से बचाया जा सके।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
आणखी कथा







