बाबा विभूतिनाथ धाम में आस्था का सैलाब, कांवड़ियों से पटे रास्ते
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बाबा विभूतिनाथ धाम में आस्था का सैलाब, कांवड़ियों से पटे रास्ते
राप्ती नदी से जल भरकर पहुंचे लाखों श्रद्धालु, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा जंगल क्षेत्र
श्रावस्ती। कजरी तीज के अवसर पर सिरसिया क्षेत्र स्थित पौराणिक एवं पांडवकालीन बाबा विभूतिनाथ धाम में सोमवार को आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि भिनगा से लेकर मंदिर तक का पूरा मार्ग कांवड़ियों और श्रद्धालुओं से भरा नजर आया। दूर-दूर से श्रद्धालु कांवड़ लेकर पहुंचे और राप्ती नदी से पवित्र जल भरकर बाबा विभूतिनाथ महादेव का जलाभिषेक करने के लिए रवाना हुए।

सुबह से ही हर-हर महादेव, बोल बम और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा इलाका भक्तिमय बना रहा। कांवड़ियों की लंबी कतारें सड़क से लेकर जंगल क्षेत्र तक दिखाई देती रहीं। श्रद्धालुओं के भारी दबाव के चलते कई स्थानों पर रास्तों पर जाम जैसी स्थिति भी बनी रही, लेकिन प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी से आवागमन को व्यवस्थित रखने का प्रयास लगातार जारी रहा।
जगह-जगह लगे भंडारे, श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे लोग
कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों की ओर से जगह-जगह भंडारे, जलपान और पेयजल की व्यवस्था की गई। चैलाही, गुलरा, सेमरा, सोनबरसा, चिल्हरिया, सिरसिया, जनकपुर सहित कई स्थानों पर कांवड़ियों के लिए खाने-पीने और विश्राम की व्यवस्था देखने को मिली।
कांवड़ लेकर लंबी दूरी तय कर रहे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए स्थानीय लोग भी सेवा में जुटे रहे। कहीं शरबत पिलाया गया तो कहीं भोजन और प्रसाद की व्यवस्था की गई। रास्ते में थकान महसूस कर रहे कांवड़ियों के लिए भी लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाया।

मेडिकल टीम और एंबुलेंस भी रही तैनात
भारी भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह दवा और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था के साथ आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस की मौजूदगी रखी गई। प्रशासन का प्रयास रहा कि किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर, कैमरों से निगरानी
लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। रास्तों पर बैरिकेडिंग, पुलिस बल की तैनाती और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्था की गई।
कई स्थानों पर कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की गई। प्रशासन की तैयारियों में सीसीटीवी निगरानी, मेडिकल सुविधा, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं पर पहले से जोर दिया गया था।
भिनगा से जंगल तक दिखा कांवड़ियों का जनसैलाब
भिनगा से आगे बढ़ते ही कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ती दिखाई दी। चैलाही से लेकर गुलरा, सेमरा, सोनबरसा और सिरसिया क्षेत्र तक जगह-जगह भगवा रंग और कांवड़ियों की कतारें नजर आईं। जंगल क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या दिखाई दी।
राप्ती नदी से जल भरकर बाबा विभूतिनाथ के दरबार में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के चेहरे पर उत्साह और भक्ति साफ दिखाई दी। महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु पूरे जोश के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल हुए।
पांडवकालीन धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
बाबा विभूतिनाथ मंदिर को स्थानीय धार्मिक परंपरा में पांडवकालीन माना जाता है। जिला प्रशासन की आधिकारिक पर्यटन जानकारी के अनुसार, पांडवों के वनवास से जुड़े सोहेलवा वन क्षेत्र में रहने की परंपरा इस क्षेत्र की धार्मिक पहचान से जुड़ी है।
कजरी तीज पर बाबा विभूतिनाथ धाम में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की तैयारी प्रशासन ने पहले से शुरू कर दीथीथी। सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर प्रशासनिक बैठक में भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए थे।
कुल मिलाकर बाबा विभूतिनाथ धाम की ओर जाने वाला पूरा मार्ग सोमवार को आस्था, सेवा और भक्ति के रंग में रंगा दिखाई दिया। सड़क पर कांवड़ियों की कतार, चारों तरफ गूंजता हर-हर महादेव का जयघोष और जगह-जगह लगे भंडारों ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया।
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